श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर के बेमिना इलाके में आधी रात को भीषण आग लगने से भारी तबाही मच गई। 3 और 4 नवंबर की दरमियानी रात दुर्बल क्षेत्र की झुग्गी बस्ती में भड़की आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। इस हादसे में दो लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि लकड़ी और तिरपाल से बनी करीब 80 अस्थायी झुग्गियां पूरी तरह जलकर राख हो गईं। आग की चपेट में आने से पास स्थित एक खाली पोल्ट्री फार्म और वहां खड़ा टिपर वाहन भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
रात 12:23 बजे लगी आग, ज्वलनशील कबाड़ से तेजी से फैली लपटें
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, आग लगने की घटना रात करीब 12:23 बजे हुई। झुग्गी बस्ती में प्लास्टिक, कबाड़ और अन्य ज्वलनशील सामग्री जमा थी। इसके अलावा झोपड़ियां लकड़ी और तिरपाल से बनी थीं, जिसके कारण आग ने कुछ ही समय में पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते बस्ती में अफरा-तफरी मच गई और आग की लपटें आसपास के क्षेत्र तक पहुंचने लगीं।
कई फायर स्टेशनों की टीमें मौके पर पहुंचीं, घंटों चला बचाव अभियान
आग की सूचना मिलते ही जेवीसी और रावलपोरा फायर स्टेशनों से दमकल की गाड़ियां घटनास्थल के लिए रवाना की गईं। आग की गंभीरता को देखते हुए बटामालू स्थित अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा मुख्यालय से भी अतिरिक्त दमकल वाहन और बचाव दल बुलाए गए। श्रीनगर के डिप्टी डायरेक्टर कमांड एवं मोबिलाइजिंग ऑफिसर एजाज अहमद शाह, शहर के जिला अग्निशमन अधिकारी और मुख्यालय के जिला अग्निशमन अधिकारी के समन्वय में अभियान चलाया गया। दमकलकर्मियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद सुबह तड़के आग पर काबू पाया। इस दौरान आग को आसपास के रिहायशी इलाकों तक फैलने से रोकने की कोशिश की गई।
मलबे में मिले दो शव, दिल्ली के रहने वाले थे मृतक
आग बुझने के बाद बचाव दल ने घटनास्थल पर राख और मलबे को हटाकर तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान दो लोगों के बुरी तरह जले हुए शव बरामद हुए। मृतकों की पहचान 27 वर्षीय मोहम्मद नूर आलम, पुत्र अब्दुल वहाब, और 16 वर्षीय किशोर अल अमीन, पुत्र मोहम्मद रफी, के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से दिल्ली के रहने वाले थे। नूर आलम वर्तमान में दुर्बल में रह रहा था, जबकि अल अमीन कुपवाड़ा में रह रहा था। दोनों कबाड़ बीनने का काम करते थे और घटना के समय झुग्गी बस्ती में सो रहे थे।
फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य, आग लगने के कारणों की जांच शुरू
हादसे के बाद फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जरूरी साक्ष्य जुटाए। इसके बाद दोनों शवों को कानूनी औपचारिकताओं और पोस्टमार्टम के लिए पुलिस के हवाले कर दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। प्रशासन ने आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। वहीं, आग में अपनी झुग्गियां गंवाने वाले परिवारों को तत्काल राहत देने और उनके पुनर्वास के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
